विद्युत विभाग के डिवीजन चार मे तैनात भ्रष्‍ट अवर अभियंता प्रवीण कुमार चौहान की अथाह सम्पत्तियों मे से एक और सम्पत्ति का हुआ खुलासा।



करोड़ो की निर्माणाधीन कोठी व कई लग्ज़री गाड़ियों के बाद अब भोपुरा के डिफेंस कॉलोनी मे 100 वर्ग गज के प्लॉट का हुआ खुलासा, कीमत लगभग 55 लाख

डाटला एक्सप्रेस संवाददाता

अभी कुछ दिनों पहले ही हमारे समाचार पत्र द्वारा पविविनिलि गाज़ियाबाद डिवीजन चार के राजेन्द्र नगर बिजली घर पर तैनात भ्रष्‍ट अवर अभियंता (जे.ई) प्रवीण कुमार चौहान की आय से अधिक सम्पत्ति होने का एक बड़ा खुलासा किया गया था, जिनमे गाज़ियाबाद की एक पॉश कॉलोनी राजेंद्र नगर सैक्टर 02 स्थित प्लॉट संख्या 3/191 पर मौजूद लगभग 6 करोड़ की कोठी व लाखों रुपयों की कीमत की कई लग़्जरी गाड़ियां शामिल थीं। 

किंतु इस भ्रष्ट अवर अभियंता की काली कमाई से अर्जित की गई सम्पत्तियों की फेहरिस्त यही पर समाप्त नही हो जाती, वर्षों लोनी जैसे कमाऊ क्षेत्र मे तैनाती और उसके बाद डिवीजन चार के शहीद नगर व अप्सरा बॉर्डर जैसे कमाउ क्षेत्रों मे पोस्टिंग के दौरान इस अवर अभियंता द्वारा अथाह काली सम्पत्ति अर्जित की गई। 

विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्लॉट संख्या 03/191 राजेंद्र नगर सैक्टर 02 मे इस अवर अभियंता द्वारा बनवाई जा रही करोड़ों की कोठी व लाखों की लग्ज़री गाड़ियों के अलावा इस अभियंता की भोपुरा के डिफैंस कॉलोनी मे एक सौ वर्ग गज के प्लॉट होने का खुलासा हुआ है, जिसका पता प्लॉट संख्या 126, सी-ब्लॉक डिफेंस कॉलोनी भोपुरा साहिबाबाद गाजियाबाद है। आस-पास के डिलरों से जानकारी लेने पर पता चला है कि उक्त प्लॉट की कीमत लगभग 55 लाख के आस-पास है। इसके अतिरिक्त सूचना अनुसार इस प्लॉट को प्रवीण कुमार चौहान द्वारा लोनी मे उसकी पोस्टिंग रहने के दौरान खरीदा गया था। 

यह बात तो आम हो या खास लगभग हर कोई जानता है कि विभागों मे तैनात अधिकारी अपनी काली कमाई को अधिकतर रियल एस्टेट मे ही इनवेस्ट करते हैं, क्यूंकि काली कमाई से अर्जित पैसों को पाटने के लिये यह अब तक का सबसे सुरक्षित तरीका माना गया है। 

उदाहरण के लिये अभी कल ही लखनऊ मे अमरावती, पिनटेल, एकसेला व तलवार ऑटोमूवर्स के लगभग तीस से अधिक ठिकानों पर आयकर विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है। आयकर विभाग द्वारा बिल्डर समूह अमरावती व पिनटेल मे कई आईएएस, आईपीएस व अन्य संवर्ग के अधिकारियों की काली कमाई का निवेश होने का संदेह है। इस बात से साबित होता है कि विभागों ने बैठे अधिकारी अपनी काली कमाई को सबसे अधिक रियल एस्टेट मे ही खपाना सुरक्षित समझते हैं क्यूंकि यहां इन पैसों को एजेंसियों द्वारा ट्रैक करना इतना सरल नही हो पाता। 

कुछ यही हाल अवर अभियंता प्रवीण कुमार चौहान का भी है जिसने अपनी काली कमाई को कई स्थानों पर रियल एस्टेट मे इनवेस्ट करा हुआ है। अभी तक जिन-जिन सम्पत्तियों का खुलासा हुआ है वह तो इस अवर अभियंता की सम्पत्ति का मात्र 20 प्रतिशत ही है, आने वाले समय मे हमारे द्वारा जल्द से जल्द इस भ्रष्‍ट अवर अभियंता द्वारा काली कमाई से अर्जित की गई ऐसी ही अनेकों सम्पत्तियों का खुलासा कर उन्हें इंकम टैक्स, प्रवर्तन निदेशालय, एंटी करप्शन ब्यूरो सहित अन्य जांच एजेंसियों को जांच हेतु भेजा जाएगा ।

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