नगर निगम के बदलते रंग को देख गिरगिट को भी आ जाए शर्म।



( अतिक्रमण के विरुद्ध निरंतर कार्यवाही करने की डींगे हांकने वालों से चार वर्षों मे नहीं हटा एक मामूली सा जनरेटर 

डाटला एक्सप्रेस संवाददाता 

लगभग पूरे गाज़ियाबाद मे हो रखे अतिक्रमणों पर निरंतर कार्यवाही कर उन्हें हटवाने की डींगे हांकने वाला नगर निगम चार वर्षो से सी ब्लॉक शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 02 साहिबाबाद पर स्थित चावला बेकरी के सामने रखे हुए एक मामूली से जनरेटर सेट को भी नही हटवा पाया। वैसे तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का साफ आदेश है कि चाहे कोई भी व्यक्त्ति या संस्थान हो यदि उनके द्वारा अतिक्रमण किया गया है तो उसे तत्काल हटवाया जाए, किंतु यह आदेश देते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी शायद यह बात भूल गए थें की अतिक्रमण हटवाने से पहले सरकार से लाखों की तनख्वाहें और सुविधाएं लेने वाले उन भ्रष्‍ट/कामचोर अधिकारियों को हटाने की आवश्यकता है जिनके संरक्षण से ही आज पूरे प्रदेश भर मे जगह-जगह जहां भी नज़र जाए अतिक्रमण का अंबार लगा हुआ है, बिल्कुल यही हाल नगर निगम गाज़ियाबाद का भी है जिसमें तैनात अधिकारी/कर्मचारी इतनी मोटी चमड़ी के हैं कि उन्हें चाहे मुख्यमंत्री जी का आदेश ही क्यूँ ना मिला हो यह लोग अतिक्रमण के विरुद्ध जहां से इन्हें अंडर टेबल मासिक शुल्क प्राप्त हो रहा हो उस पर कोई कार्यवाही करेंगे ही नही फिर चाहे कोई कुछ भी कहे कहीं भी शिकायत करता रहे। हम यह बातें सिर्फ हवा मे नही कह रहे आइये आपको पूरे मामले से अवगत करवाते हैं।

संक्षिप्त मामला कुछ इस प्रकार से है

नगर निगम गाज़ियाबाद के मोहन नगर जोन अंतर्गत आने वाले शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 02 स्थित प्लॉट संख्या एस 24, बी ब्लॉक, चन्द्रशेखर पार्क के सामने आवासीय भवन मे संचालित चावला बेकरी द्वारा पार्क की दीवार से सटा कर अतिक्रमण करते हुए एक बड़ा जनरेटर सेट वर्षों से रखा गया है, जिसे हटाने के लिये बेकरी का मालिक बिल्कुल तैयार नही है जिससे आस-पास के लोगों मे विभाग के प्रति रोष व्याप्त है, लोगों का कहना है कि जो नगर निगम एक गरीब ठेली वाले की ठेली को हटाने मे ज़रा भी संकोच नही करता वही नगर निगम एक मशहूर बेकरी के अमीर/प्रभावशाली मालिक का जनरेटर हटवाने मे वर्षों से असमर्थ है जो बेकरी मालिक और नगर निगम के मोहन नगर जोन मे तैनात अधिकारियों के बीच सांठगांठ को दर्शाता है।

नगर निगम के अनेकों रंग देख गिरगिट को भी आ जाए शर्म, समय-समय पर की गई समान प्रकृति की शिकायतों पर नगर निगम द्वारा प्रेषित की गई भिन्न-भिन्न आख्याएं

हमारे द्वारा जनहित मे उक्त जनरेटर सेट को हटवा रास्ता अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिये उ.प्र जनशिकायत पोर्टल पर कई शिकायतें की गई, जिनमे हर बार नगर निगम द्वारा अलग-अलग आख्याएं पेश कर इस अतिक्रमण को बढावा दिया गया, जैसे दिनांक 15/03/2018 को की गई शिकायत संख्या 40014019008007 पर उस समय पर रहे जोनल प्रभारी द्वारा उनके पत्रांक संख्या 2822/2018-19 दिनांक 29/03/2022 मे बेकरी संचालक को धारा 296 का नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर जनरेटर हटाने का आदेश दिया गया, किन्तु इस आदेश के चार वर्षों से अधिक बीत जाने के बावजूद बेकरी मालिक ने जनरेटर को नही हटवाया। तदुपरांत दिनांक 12/10/2022 को पुनः एक शिकायत संख्या 40014022041155 दिनांक 12.10.2022 की गई जिसकी जांच नगर स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा की गई जिसमें उन्होंने अपने पत्रांक संख्या 4696/स्वास्थ्य/31.10.2022 मे शिकायत का निस्तारण यह कहते हुए कर दिया कि मामला प्रदूषण विभाग से संबंधित है। हमारे द्वारा तीसरी बार एक और शिकायत संख्या 40014022045280 दिनांक 15.11.2022 की गई जिसकी जांच मोहन नगर जोनल प्रभारी द्वारा की गई जिसमें उन्होंने उनके पत्रांक संख्या 6460/मो0न0जो0/22.11.2022 मे जो कहा वह बड़ा ही दिलचस्प है जिसे सुन कर आप लोग भी सोचेंगे की आखिर कोई विभाग एक जनरेटर को ना हटाना पड़े उसके लिये कैसे- कैसे पैंतरे आजमा सकता है, दरअसल इस बार जोनल प्रभारी साहब द्वारा पहले तो उक्त प्रकरण प्रदूषण विभाग से संबंधित बताया और आगे यह मानते हुए कि हाँ जनरेटर रखा है और पार्क की दीवार से सटा कर रखा हुआ है लेकिन उससे किसी को कोई परेशानी नहीं है और आने-जाने वालों को कोई दिक्कत भी नहीं। इनसे कोई पूछे कि क्या उनकी नज़रों मे माननीय मुख्यमंत्री के आदेशों का कोई महत्व नहीं जिसमें उन्होंने हर तरह के अतिक्रमणों को हटाने का आदेश दिया और रही बात लोगों की दिक्कत की तो कल को कोई व्यक्ति या दुकानदार ऐसे ही अतिक्रमण करेगा और उससे कोई अतिक्रमण हटाने को बोले तो वह व्यक्ति यही कहेगा कि किसी को कोई दिक्कत नही। ऐसे मे हमारे सुन्दर शहरों का भविष्य क्या होगा और हमारे मुख्यमंत्री जी का एक सुन्दर अतिक्रमण मुक्त प्रदेश का सपना क्या मोहन नगर जोनल प्रभारी जैसे अधिकारियों के रहते साकार हो पाएगा जवाब है नही, क्यूंकि ऐसे ही अधिकारी अतिक्रमणों और अतिक्रमणकारियों को बढ़ावा देते हैं।











शिकायत संख्या 40014019008007 पर तत्कालीन नगर निगम मोहन नगर जोन प्रभारी द्वारा लगाई गई जांच रिपोर्ट 




 







शिकायत संख्या 40014022041155 पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम गाज़ियाबाद द्वारा लगाई गई जांच रिपोर्ट 











शिकायत संख्या 40014022045280 पर नगर निगम मोहन नगर जोन मे तैनात जोनल प्रभारी द्वारा लगाई गई जांच रिपोर्ट

हमारा उद्देश्य इस जनरेटर को हटवाने से ज़्यादा मोहन नगर जोन मे अंदर तक जड़ कर चुके भ्रष्टाचार को आप लोगों, प्रशासन, विभाग व सरकार के समक्ष लाना है जिसे देखते हुए हमारे द्वारा पूरे मामले की तथ्यों समेत शिकायत माननीय मुख्यमंत्री महोदय (उ.प्र), नगर विकास विभाग (उ.प्र), मुख्य सचिव (उ.प्र), मंडलायुक्त (मेरठ मंडल), जिला अधिकारी (गाज़ियाबाद) व नगर आयुक्त नगर निगम गाज़ियाबाद को पत्राचार के माध्यम से भेजी जा रहीं हैं।

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