अलवर "राजस्थान" की मशहूर कवियित्री ममता शर्मा "अंचल" द्वारा रचित रचना "आप ख्वाब हो जाओ"

प्रस्तुति डाटला एक्सप्रेस 

आप दिल की किताब हो जाओ

जिंदगी का हिसाब हो जाओ

    आपको पढ़ सकूँ सलीके से

    दो घड़ी माहताब हो जाओ

मीत मैं प्यार का सवाल बनूँ

आप झट से जवाब हो जाओ

    दर्द का दौर जब कभी आए

    आँख मैं आप आब हो जाओ

जागते में अगर न हो मिलना

नींद मैं आप ख्वाब हो जाओ

    रूह पाकर महक जरा खुश हो

    आप खिलता गुलाब हो जाओ

हार भी जीत सी लगे मुझको

आप ऐसा ख़िताब हो जाओ

    सिर्फ आँखों मे लाज हो "अंचल"

    आप बस वो हिज़ाब हो जाओ।।



      ममता शर्मा "अंचल" 

      अलवर (राजस्थान)

Comments
Popular posts
जीडीए के नए उपाध्यक्ष क्या लगा पाएंगे प्रवर्तन जोन 06 के इंदिरापुरम क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर अंकुश।
Image
जीडीए प्रवर्तन जोन एक (01) अभियंताओं के संरक्षण में वर्षों से संचालित हैं कई अवैध मार्केट्स।
Image
भारतीय किसान यूनियन "अंबावता" द्वारा ओला वृष्टि से हुए किसानों के नुकसान पर मुआवजा देने के लिए राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन।
Image
गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण के उद्यान अनुभाग अंतर्गत आने वाले सिटी फॉरेस्ट के वाहन पार्किंग स्थल पर तैनात कर्मी जीडीए द्वारा निर्धारित वाहन पार्किंग मूल्य हेतु टिकट पर अंकित मूल्य से अधिक ले रहे हैं पैसे।
Image
गाज़ियाबाद के लोनी में कोरोना के बढ़ते मामलों से पूरा क्षेत्र दहशत में