मुकिज नामक प्राइवेट व्यक्ति एसडीओ किशन कुमार के इशारे पर कर रहा है कनेक्शन काटने की लिस्ट पर काम


डाटला एक्सप्रेस संवाददाता:-पंकज तोमर

गाज़ियाबाद:-विद्युत विभाग 'गाज़ियाबाद' के डिवीजन 04 'साहिबाबाद' अंतर्गत आने वाले कोयल एनक्लेव बिजली घर क्षेत्र मे एसडीओ किशन कुमार और जेई निरंजन मौर्य द्वारा कई प्राइवेट लड़के रखे गये हैं जो विभाग के नाम पर पूरे क्षेत्र में उगाही करने का काम करते हैं। विभाग द्वारा इन लड़कों को कोई तनख्वाह या सुविधा मुहैया नहीं करवाई जाती, फिर भी यह बिजली घर कोयल एनक्लेव पर काम कर रहे हैं। जिसमें इन लड़कों का मुख्य काम बकाया बिल न चुकाने पर बकायेदारों की लिस्ट पर जाकर विद्युत कनेक्शन काटना है।इन्हीं प्राइवेट लड़कों में से एक लड़का मुकिज है जो न तो कोई संविदा कर्मी है और न ही विद्युत विभाग का कोई फिक्स कर्मचारी। परंतु फिर भी अपने आकाओं ''एसडीओ'' किशन कुमार और "अवर अभियंता" निरंजन मौर्य के इशारे पर यह बिजलीघर को निरंतर अपनी सेवा कई वर्षों से प्रदान कर रहा है। 

आपको बता दें की मुकिज नामक व्यक्ति पिछले कई वर्षों से बिजली घर पर विद्युत कनेक्शन काटने की लिस्ट पर काम कर रहा है और इसका एरिया तुलसी निकेतन है जिसमें यह बर्षों से अपना एक प्रकार का उगाही सिंडीकेट चला रहा है, क्योंकि तुलसी निकेतन के जीडीए फ्लैट्स में काफ़ी बड़ी मात्रा में लोग रहते हैं जिसके चलते इन फ्लैटों में रोज नए-नए कारनामे देखने को मिल जाते हैं जैसे कभी चोरी की लाइट जलाने का मामला हो, तो कभी बकाया बिल पर कटे हुए कनेक्शन को कुछ पैसे लेकर दोबारा जोड़ने का मामला हो। कई फ्लैटों में तो मुकिज चोरी की लाइट तक जलवाता है जिसकी एवज में वह हर महीने विद्युत चोरी करने वालों से कुछ तय पैसे लेता है, अब यह पैसे वह कहां पहुंचाता है यह समझना मुश्किल नहीं।

इन जीडीए फ्लैटों में रह रहे कुछ लोगों ने बताया कि मजबूरी में कई बार हम बिजली का बिल जमा नहीं कर पाते तब मुकिज नामक व्यक्ति विद्युत कनेक्शन को न काटने के एवज में 1000 से 15 सो रुपए की मांग करता है। जिसे ना देने पर वह तुरंत कनेक्शन काट देता है नहीं तो किसी अन्य झूठे मामले में फंसाने की धमकी देता है।

यह बहुत ही दुःखद है कि आज इतनी ईमानदार और कर्मठ सरकार के होने पर भी विद्युत विभाग के इन अधिकारियों को कोई भय नहीं है और इनके संरक्षण में मुकिज जैसे कुछ लोग विभाग के नाम से उगाही कर विभाग और सरकार का नाम ख़राब करते है जिस पर सुधार होना बहुत अधिक आवश्यक है। यह सुधार केवल मुकिज को संरक्षण दे रहे अधिकारियों पर ठोस विभागीय कार्यवाही करने पर ही सम्भव हो पायेगा, जिसे ध्यान में रखते हुए जनहित में उक्त मामले की शिकायत जनपद, मंडल व शासन स्तर के उच्च अघिकारीयों से की जा रही है।

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