पत्रकार/समाजसेवी राकेश राय का जन्मदिन मनाया गया धूम-धाम से

 


डाटला एक्सप्रेस संवाददाता/9810862251

गाज़ियाबाद:-मानवाधिकार युवा संगठन भारत के राष्ट्रीय कार्यालय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय शर्मा द्वारा राष्ट्रीय संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राकेश राय का जन्मदिन बहुत ही धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम में "मेरठ मंडल अध्यक्ष" राजेश सिसोदिया, "प्रदेश महासचिव" ओमवती सिसोदिया, प्रदेश सचिव" प्रमोद सिसोदिया एवं वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्यगण भारी मात्रा में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मानव अधिकार युवा संगठन की तरफ से निःशुल्क आंखों की जांच एवं आंखों में निःशुल्क दवाइयां भी डाली गई।

आपको बताते चलें कि राकेश राय काफी लंबे अर्से से संगठन का हिस्सा रहे हैं। इस दौरान उनके द्वारा समाज सेवा और मानवाधिकार से जुड़े कई अहम कार्यों को भी अंजाम दिया गया।क्यूंकि राकेश राय समाजसेवी होने के साथ-साथ एक सक्रिय पत्रकार भी हैं, जिस कारण उन्हें लोगों से जुड़ उन्हें संगठित,अपने अधिकारों के लिए खुलकर आवाज़ उठाने एवं अन्याय के विरुद्ध सख्ती से खड़े रहने के लिए जागरूक करने में काफी सहायता मिली।यहां तक कि कोविड काल में जब पूरा देश लॉकडाउन की मार झेल रहा था। जिसका सबसे ज़्यादा असर आम/गरीब जनता पर पड़ा। तब राकेश राय ने अपनी कमर कसते हुए बहुत अधिक सक्रियता दिखाई। संगठन के मध्यमा से उनके द्वारा अपनी क्षमता के अनुसार गरीब व असहाय लोगों को निरंतर भोजन, कपड़ा एवं अन्य जरूरी चीजों को उपलब्ध करवाया गया। यह साबित करता है कि राकेश राय हर अच्छी/बुरी परिस्थिति में हमेशा ही समाज सेवा को तत्पर पर रहते हैं। 



समाज-सेवा, मानव कल्याण, मानवाधिकार, न्याय/अन्याय, भ्रष्टाचार आदि के विरुद्ध आवाज़ उठाना तो बहुत ही सरल है। हमारे देश में आज हज़ारों की संख्या में एनजीओ और उनसे जुड़े लाखों कार्यकर्ता है, परंतु एक कड़वा सच यह है कि समाज सेवा की राह पर लंबे समय तक बहुत कम ही लोग चल पाते हैं। ऐसा नहीं है कि उन सभी के भीतर जो समाज सेवा के लिए जगी भावना थी वह खत्म हो जाती है। इसे कुछ यूं समझें कि मैराथन रेस में हज़ारों लोग भाग लेते हैं जितने कि इच्छा सबकी समान होती है। परंतु राहों की लंबाई और कठिनाई उन्हें बीच राह में ही थका देती है और अंत में हज़ारों में से कुछ ही लक्ष्य तक पहुंच पाते हैं।कुछ ऐसा ही हाल पत्रकारिता का भी है। 

लेकिन राकेश राय ने इतने लंबे अर्से से समाज-सेवा एवं पत्रकारिता में सक्रिय रह कर यह साबित कर दिया है कि यदि आपका निश्चय दृढ़ हो और लक्ष्य साफ फिर चाहे राहों में कितनी भी कठिनाइयां ही क्यूँ ना आए एक न एक दिन आप अपनी मंज़िल पा ही लेते हैं।

हमारे समाचार पत्र डाटला एक्सप्रेस एवं ट्रू टाइम्स की ओर से श्री राकेश राय को उनके जन्मदिवस पर ढेर सारी शुभकामनाएं। भगवान उन्हें लंबी आयु, सद्बुद्धि, अपना आशीर्वाद, मार्गदर्शन एवं उनके सभी शुभचिंतकों का सहयोग हमेशा यूँ ही प्रदान करते रहे, ऐसी हम कामना करते हैं।


हमारे ओर से स्वर्गीय श्री राजेश्वर राय "दयानिधि" द्वारा रचित रचना जीवन सफर में बढ़े जा रहा हूँ.....में से कुछ पंक्तियां, श्री राकेश राय के सम्मान में समर्पित

ठहरना न शामिल है, फितरत में मेरी-

मैं आब-ए-रवां हूँ बहे जा रहा हूँ, 

जीवन सफर में बढ़े जा रहा हूँ....................


हर वक्त जारी है जारी रहेगी- हमेशा ही मैदान में जंग के हूँ, 

हर युद्ध जीवन का मैं खूब डटकर-

बड़े ही हृदय से लड़े जा रहा हूँ। 

जीवन सफर में बढ़े जा रहा हूँ..


थके पाँव मेरे ग़मों के वज़न से- मगर मेरा संघर्ष अभी है जारी,

फुर्सत मिली ना कभी बैठने की- 

सफ़र में अभी भी खड़े जा रहा हूँ। 

जीवन सफर में बढ़े जा रहा हूँ..


विजयश्री भले मेरी संदिग्ध ही हो- 

मगर जीतने की तलब है बक़ाया, 

दग़ा दे गई जिस्म की क़ौत बेशक़-

मगर हौसले से अड़े जा रहा हूँ। 

जीवन सफर में बढ़े जा रहा हूँ..


शिकायत नहीं मुझको भगवान से है-

अदावत नहीं मुझको इंसान से है- 

ज़माने का भी शुक्रिया है कि उससे- 

सबक आये दिन में पढ़े जा रहा हूँ।

जीवन सफर में बड़े जा रहा हूँ..


मंजिल का भ्रम खूबसूरत है कितना-

कि ग़म रास्तों का पता ही न चलता, 

शिखर छूने वाली तमन्ना लिए मैं-

निरंतर ही पर्वत चढ़े जा रहा हूँ। 

जीवन सफर में बढ़े जा रहा हूँ.. 


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