प.वि.वि.नि.लि "गाज़ियाबाद" डिवीजन चार स्थित राजेंद्र नगर बिजली घर पर बैठे अधिकारियों ने कर रखी है भ्रष्टाचार में पीएचडी


डाटला एक्सप्रेस संवाददाता

गाजियाबाद:-पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड "गाज़ियाबाद" के डीवीजन चार अंतर्गत आने वाले बिजली घर राजेंद्र नगर पर बैठे अधिकारियों ने इसे भ्रष्टाचार का गढ़ बनाया हुआ है।आये दिन हो रहे नये-नये भ्रष्टाचारी खुलासें जो विभाग की छवि को भारी क्षति पहुंचा रहे हैं, के बावजूद बिजली घर में बैठे अधिकारियों के कान में कोई जूँ नहीं रेंग रही। इतना तो हमारे देश का कानून भी शायद अंधा नहीं है, जितना इस बिजली घर में बैठे अधिकारी। जिन्हें अपने सामने हो रहे भ्रष्टाचार दिखाई नहीं देतें। 

डिवीजन चार में तैनात अधिशासी अभियंता राजीव आर्य अपने नुमाइंदों को संरक्षण देने और बचाने के लिये किसी भी हद तक जा सकते हैं फिर चाहे उन नुमाइंदों ने विभाग को कितना ही नुकसान क्यों ना पहुंचाया हो। 

इसी क्रम में गुप्तसूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आपको बताते चलें कि राजेंद्र नगर बिजली घर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोयल एनक्लेव बिजली घर स्थित राजीव नगर गली नंबर 6 मे इमरान खान के नाम से 7 किलो वाट का कमर्शियल कनेक्शन लगा हुआ है। जिसका कनेक्शन नंबर 8988983000 और मोबाइल नंबर 9811458769 है। मज्जू और अख्तर इस 7 किलो वाट के कनेक्शन से ई-रिक्शा पार्किंग और प्लास्टिक काटने की फैक्ट्री का काम एक ही मकान में कर रहे हैं। जबकि यह कनेक्शन गली नंबर 09 का है जिसे फर्जी दस्तावेज लगाकर गली नंबर 06 के किसी अन्य मकान में चलाया जा रहा है जो विभागीय नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ एक आपराधिक कृत्य भी है।इस पूरे मामले की कि जनकारी राजेंद्र नगर बिजली घर पर बैठे अधिशासी अभियंता महोदय को भी है परंतु उनके द्वारा इस संबंध में आज दिन तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई।  

यह कनेक्शन 07 किलो वाट का है परंतु इससे कम से कम 30 किलो वाट का काम लिया जा रहा है। आप खुद ही सोचें कि क्या बैट्री रिक्शा चार्जिंग के साथ प्लास्टिक कटिंग की मशीने मात्र 7 किलो वाट के लोड पर चल सकती है। अभी कुछ समय पूर्व ही बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस फैक्टरी और पार्किंग पर रात के समय छापा मार डायरेक्ट विद्युत चोरी पकड़ी थी। जिसके बाद डिवीजन चार के अधिकारी इस संस्थान या यूं कहें पार्किंग और फैक्ट्री से मीटर उतारकर अपने साथ ले गए और उसके बाद पार्किंग/फैक्ट्री मालिक मज्जू और अख्तर राजेंद्र नगर बिजली घर पर अधिकारियों से मिलने पहुंचे। जिसके बाद डिवीजन चार के अधिकारियों ने विभाग की आंखों में धूल झोंक इतनी बड़ी पार्किंग व फैक्ट्री मे हो रही इस चोरी को मात्र 1 किलो वाट की f.i.r. भरकर छोड़ दिया था।गुप्त सूत्र का कहना है कि इतनी बड़ी चोरी पकड़े जाने के बाद मज्जू और अख्तर द्वारा 150000 (डेढ़ लाख) की रिश्वत दी गई थी, तब कहीं जाकर 07 किलो वाट की चोरी की FIR 01 किलो वाट में भरी गई।

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