हीरालाल राजस्थानी 'ग्लोबल कॉन्क्लेव व अचीवर्स अवार्ड 2020 से सम्मानित।


30 नवम्बर और 1 दिसम्बर 2020 को ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में 'गोपाल किरण समाज सेवी संस्था' (GKSSS) द्वारा आयोजित 'ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड' सैरेमनी और विचार गोष्ठी कार्यक्रम पटेल नगर, 'सिल्वर औक होटल' में हुआ। जिसमें अलग-अलग स्तरों में पितृसत्ता, वर्णव्यवस्था, थर्ड जेंडर, महिलाओं, युवाओं और पत्रकारिता के मुद्दे इस सम्मेलन के मुख्य विषय रहे। 'संविधान सप्ताह' शीर्षक के संदर्भित चर्चा में भारत के विभिन्न भागो से आये कला साहित्य से जुड़े- फिल्मकार, नाटककार, लेखक, पत्रकार, कलाकार और शिक्षाविद, पर्यावरणविद, संस्कृतिकर्मी, समाजकर्मी, खिलाड़ी शामिल व 'ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड' से सम्मानित हुए। जिसमें यहां के एडीएम किशोर कान्याल, डाॅ. बी पी अशोक (IAS), एडीजी अमित सांघी (IPS), आईजी ग्वालियर अशोक गोयल, संगीता शाक्य डिवीजनल कमाण्डेंट और स्थानीय विधायक सतीश सिकरवार व स्थानीय पार्षद आदि बतौर अतिथि-मुख्यातिथि शामिल हुए। इस सम्मेलन की खास बात यह रही कि अनेकों जाति धर्म और समुदायों के जाने माने एकत्रित हुए लोगों ने डॉ. आंबेडकर के विचारों को परिभाषित करते हुए दलित उत्पीड़न, महिला सशक्तिकरण और जातिवाद उन्मुलन पर खुले दिल से अपने-अपने विचार रखे।



समारोह में दिल्ली से आये प्रसिद्ध मूर्तिकार लेखक व दलित लेखक संघ के संरक्षक हीरालाल राजस्थानी ने ऐसे कार्यक्रमों को दलित समाज की ज़रूरत करार देते हुए कहा कि इससे दलित युवाओं में जागरूकता की लहर उठेगी। साहित्यकार महेन्द्र नारायण पंकज, हाथरस कांड की पीड़िता के परिवार की मदद करने वाली डॉ. राजकुमारी बंसल, प्रख्यात निर्देशक अनिल दुबे, वन्य अधिकारी कैलाश चंद्र मीणा, मानवाधिकार कार्यकर्ता के. स्टालिन, डॉ. रश्मि चौधरी, डॉ. राजेश गौतम, अनीता छावई (एडवोकेट), ज्योति दोहरे, पुष्पलता गंभीर व डॉ. सीमा सिंह, शरद सिंह, डॉ. सुधीर सागर, आर एस वर्मा, शशी कुरील, एस एन महाजन, डॉ.सुलेखा, न्यायमूर्ति उदयचंद बारूपाल, डॉ. मुहम्मद नईम, डॉ. आशीष कांता, अजय जनमेजय, डॉ. ए एल वासेदिया, कमलेश मीणा, एस बी हंसपुरिया, कु. ललिता पंवार, डॉ. जगदीश चौधरी, पंकज मालवीय, डॉ.अनुभा पुंढीर को क्रमशः साहित्य, कला, वानिकी, संस्कृति, शिक्षा, फिल्म, निर्देशन,नाटक, पर्यावरण, समाजोत्थान, नदी-जल संरक्षण, कृषि,ग्रामीण विकास, पत्रकारिता आदि के लिए व उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के एआरएम एवं अंगदान कर इस अभियान को समाज में प्रचारित-प्रसारित करने को जीवन का लक्ष्य मानने वाले संजीव यादव को समाज सेवा, छात्रों में पुस्तकों के प्रतिअभिरुचि और खेलों के प्रोत्साहन हेतु, अरविंद सिंह कुशवाहा को समाज के वंचित – पिछड़े व कमजोर वर्गों के उत्थान की दिशा में भूदान सम्बन्धित विचारों के प्रचार – प्रसार हेतु व पुष्पेन्द्र भाई को बुंदेलखण्ड में हजारों तालाबों के निर्माण में महती भूमिका के लिए। कला व लेखन में उत्कृष्ठ योगदान के लिए हीरालाल राजस्थानी को और अभिनय व लेखन के लिए राजेन्द्र कुमार को गोपाल किरण समाज सेवी संस्था द्वारा 'ग्लोबल अचीवेरस अवॉर्ड' देकर सम्मानित किया गया।


 


समारोह के दोनों दिन लोकतांत्रिक संसदीय प्रणाली, सामाजिक न्याय की चुनौतियों, शिक्षा एवं शैक्षणिक विकास की विसंगतियों, भारत में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध, निजीकरण का प्रभाव, साहित्य की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, वन्य जीवन और जैव विविधता, राष्ट्र निर्माण में संविधान की भूमिका ,पत्रकारिता की चुनौतियों आदि समसामयिक विषयों पर डॉ. बी पी अशोक, डॉ. प्रवीन गौतम, डॉ. राजेश गौर, डॉ. राजकुमारी बंसल, संदीप शुक्ला, संजीव यादव, अनिल दुबे, के. स्टालिन, डॉ. दीप्ति गोयल व कैलाश चंद्र मीणा ने अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। वहीं फिल्म उद्योग से जुड़े आरिफ शहडोली, परवेज मसीह और राजेन्द कुमार ने भी अपने अनुभव सांझा किये।


 


इसके अलावा इस सम्मान समारोह कार्यक्रम में सभी धर्मों, समुदायों, जातियों और वर्ग के लोगो ने हिस्सा लिया। न सिर्फ हिस्सा ही लिया बल्कि बाबा साहब के विचारों को प्रासंगिक मानते हुए उनके रास्तों पर चलने की ओर प्रेरित भी किया। यह लोकतंत्र का ऐसा वातावरण था। जहां जातियां नहीं नागरिक नज़र आये जो जन हित में अपनी भूमिका निभाते दिखाई दिये। और सही भी है कि इस जाति व्यवस्था को उखाड़ फेकने की ज़िम्मेदारी किसी रक समुदाय या वर्ग की नहीं बल्कि हर भारत के नागरिक की है जो इस देश से प्रेम करता है। एक बड़ा संदेश कायम किया गया इस दो दिवसीय सम्मेलन में। जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। इसका श्रेय निश्चित तौर पर इसके आयोजकों को ही जाता है। 


 


संस्था के प्रमुख श्रीप्रकाश सिंह निमराजे के साथ कार्यक्रम में प्रारंभ से लेकर अंत तक समूची व्यवस्था, कार्यक्रम के सुचारु संचालन, उसकी देखरेख व आगंतुक प्रतिभाओं एवं अतिथियों के स्वागत का दायित्व जहां आरा, कुमारी शिवानी वर्मा, ज्योति, नवजीत सिंह, मुख्तार हुसैन एवं कुमारी अंजली राजपूत आदि सहयोगियों ने अपनी भूमिका बखूबी निबाही। अंत में संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश निमराजे ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में सभी अतिथियों, सम्मानित विभूतियों-प्रतिभाओं, अधिकारियों और उपस्थित महानुभावों का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया।


 


- चंद्रकांता सिवाल (चंद्रेश)