शादाब नामक व्यक्ति जेई आशीष रतन के संरक्षण में चला रहा है जींस रंगाई की फैक्ट्री

 



साहिबाबाद बिजली विभाग आए दिन नए-नए दावे कर अपने एसडीओ और जेईयों को बचाने के लिए नए-नए पैंतरे अपना उनकी कारिस्तानियो पर पर्दा डालने की नाकाम कोशिशे करता रहता है जिसका नतीज़ा ही है कि आज बिजली विभाग के भीतर भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। 


 


इसी संबंध में एक और ताजा मामला सामने आया है जिसमें एसडीओ नरेश चंद्र का संरक्षण प्राप्त जेई आशीष रतन बेखौफ हो क्षेत्र में अपना उगाही सिंडिकेट चला रहा जिसमें वह लोगों से कनेक्शन देने व लोड बढ़वाने के नाम पर पैसे ले न जाने कितनी ही प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को अपने छत्रछाया में चलवा रहा है। 



आपको बता दें कि टीला मोड़ इंद्रप्रस्थ बिजली घर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुटी बिजली घर पर तैनात जेई आशीष रतन मोटा मुनाफा लेकर लोगों को कमर्शियल 8 -10 किलो वाट के कनेक्शन धड़ल्ले से दे रहा है। इन कनेक्शनों पर प्रदूषण फैलाने वाली जींस रंगाई और पीतल ढलाई की फैक्ट्रियां चलाई जा रही हैं। इन फैक्ट्रियों से हर महीने लाइनमैन से लेकर जेई एसडीओ तक मोटा मेहनताना पहुंचता है जिसके चलते वह इन फैक्ट्रियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करते जिसे हम रामा विहार कुटी बिजली घर के बराबर से जाने वाली गली नंबर 3-4 मे देख सकते हैं जहा हरेंद्र मावी नामक व्यक्ति के मकान में पहले घरेलू 2 किलो वाट का कनेक्शन था जिसे अब जेई ने 8 किलो वाट का कमर्शियल कनेक्शन दे अपने संरक्षण में शादाब नामक व्यक्ति से जींस रंगाई व स्प्रे की फैक्ट्री चलवा रहा है जो नियमों के विरुद्ध है। इस फैक्ट्री की वजह से आसपास में रह रहे लोगों का सांस लेना व जीना दुश्वार हो गया है लोगों का कहना है की हमारे लाख मना करने के बावजूद भी यह लोग यहां पर इन फैक्ट्रियों को चला रहे हैं हमने इनकी शिकायत कई बार प्रदूषण विभाग व बिजली विभाग में की परंतु किसी भी विभाग के अधिकारी इनके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं करते हैं जिसकी वजह से हमें आए दिन बीमारी का सामना करना पड़ता है और हमारी जिंदगी एक कठपुतली की तरह बनकर रह गई है क्योंकि इन फैक्ट्रियों को संरक्षण देने वाले लोग दबंग किस्म के हैं जो हमें डरा धमका कर चुप करा देते हैं वैसे अब हम लोगों ने इनकी शिकायत अखबार के माध्यम से शासन व प्रशासन स्तर पर करने का फैसला किया है ताकि जल्द से जल्द इन फैक्ट्रियों को यहां से हटा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करवा सके।