स्मृति शेष


वासांसि जीर्णानि यथा विहाय- 
नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि ।
तथा शरीराणि विहाय जीर्णा- 
न्यन्यानि संयाति नवानि देही।।गीता।। 


(भावार्थ: जैसे मनुष्य पुराने वस्त्रों को त्यागकर दूसरे नए वस्त्रों को ग्रहण करता है, वैसे ही जीवात्मा पुराने शरीरों को त्यागकर दूसरे नए शरीरों को प्राप्त होती है।) 



लोककवि एवं रंगकर्मी: स्वर्गीय मुनीश भाटिया 'घायल'



अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि "छोरी जेल करावैगी..." जैसे मशहूर हरियाणवी गीत के रचयिता लोककवि एवं रंगकर्मी मुनीश भाटिया 'घायल' जी का दिनांक 14/12/2019 दिन शनिवार को आकस्मिक निधन हो गया। इस शोक की घड़ी में 'डाटला एक्सप्रेस' समूह उनकी आत्मा की शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वो उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दे तथा उनके परिवारी जनों और मित्रों को इस कष्ट को सहने की आत्मिक शक्ति प्रदान करे। 


डाटला एक्सप्रेस (समाचार पत्र)
संपादक: राजेश्वर राय 'दयानिधि'
दूरभाष: 8800201131 व्हाट्सप: 9540276160
ईमेल- datlaexpress@gmail.com


Comments
Popular posts
काव्य कॉर्नर फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस एवं वसंत पंचमी मनाई गई धूमधाम से।
Image
वीडियो बना रहे लड़के का पहले तो छीना फोन, फिर दी झूठे मुक़दमे मे फ़साने की धमकी, अगर काम सही तो डर किस बात का।
Image
नही हुई कार्यवाही तो आरटीओ कार्यालय का घेराव कर करेंगे तालाबंदी पं. सचिन शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष)
Image
ग़ज़ल कुंभ 2023 संपन्न
Image
जीडीए प्रवर्तन जोन 06 के वैशाली मे संचालित अनेकों अवैध निर्मित बैंक्वेट हॉल बने अधिकारियों के लिये चुनौती। बैंक्वेट हॉल संचालकों से अभियंताओं की मिलीभगत कार्यवाही मे बनती है बाधा।
Image