गाज़ियाबाद के हिंडन एयर स्टेशन पहुंचे 04 अत्याधुनिक अपाचे हेलीकॉप्टर


(04 अत्याधुनिक अपाचे हेलीकॉप्टर पहुंचे भारत, पाक और चीन सीमा पर होंगे तैनात)


डाटला एक्सप्रेस संवाददाता


गाजियाबाद :- भारतीय वायुसेना की ताकत में उस वक्त और इज़ाफा हो गया जब दुनिया के सबसे खतरनाक माने जाने वाले अमेरिकी एडवांस मल्टी रोल हेलीकॉप्टर अपाचे की पहली खेप भारत पहुंची। 4 अपाचे हेलीकॉप्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के ज़रिए गाज़ियाबाद के हिंडन एयरबेस पर पहुंचे। हिंडन एयरबेस पर अपाचे हेलीकॉप्टर में कुछ ज़रूरी उपकरण लगाए जाएंगे जिसके बाद इन्हें पठानकोट एयरबेस पर तैनात किया जाएगा। इसके पहले कमांडिंग अफसर ग्रुप कैप्टन एम शायलू होंगे। पठानकोट में पहले से ही तैनात वायुसेना की 125 हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन (125 H SQUADRON)  फिलहाल MI -35 हेलीकॉप्टर्स उड़ाती है और अब ये देश की पहली अपाचे स्क्वाड्रन होगी। दूसरी स्क्वाड्रन असम के जोरहाट में तैनात होगी। संभावना है कि 2020 तक सभी 24 अपाचे भारतीय वायुसेना को मिल जाएंगे।अगस्त में इस अटैक हेलीकॉप्टर को आधिकारिक तौर पर एयरफोर्स में शामिल कर लिया जाएगा। भारतीय वायु सेना बोइंग से इन हेलीकॉप्टरों को खरीद रही है। एयर फोर्स में ये हेलीकॉप्टर तीन दशक पुराने MI-35 हेलीकॉप्टर की जगह लेंगे।


टू सीटर इस हेलीकॉप्टर में हेलीफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें लगी हुई हैं। साथ ही इसमें एक सेंसर भी लगा है जिसकी वजह से रात में भी ऑपरेशन को अंजाम दिया जा सकता है। 365 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकने वाले इस हेलीकॉप्टर में 30 मिलीमीटर की दो गन लगी हुई हैं। हेलफ़ायर मिसाइल के बारे में माना जाता है कि इसकी एक मिसाइल एक टैंक को तबाह करने के लिए काफ़ी है। अतिरिक्त हथियार के तौर पर हाइड्रा अनगाइडेड रॉकेट लगा होता है जो ज़मीन के किसी निशाने पर अचूक वार करता है। अपाचे 150 नॉटिकल मील की रफ्तार से उड़ान भर सकता है जो इसे हवा में जबरदस्त रफ्तार से दुश्मन के पास जाने में मदद करता है। अमेरिका ने इस हेलीकॉप्टर का भरपूर इस्तेमाल इराक और अफगानिस्तान में किया और इजरायल भी गाजा में इसी हेलीकॉप्टर के दम पर अपने दुश्मनों पर कहर ढाता रहा है। अपाचे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह वॉर जोन में लड़ाई के समय कतई फेल न हो


ये हैं अपाचे की खासियत 
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अपाचे को रडार से पकड़ना बेहद मुश्किल है।


सबसे खतरनाक हथियार : 16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता।


हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियां भरी जा सकती हैं।


अपाचे की फ्लाइंग रेंज करीब 550 किलोमीटर है।
 
अपाचे हेलीकॉप्टर एक बार में पौने तीन घंटे तक उड़ सकता है।


नाइट विजन सिस्टम की मदद से रात में भी दुश्मनों की टोह लेने, हवा से जमीन पर मार करने वाले रॉकेट दागने और मिसाइल आदि ढोने में सक्षम।


अपाचे दुनिया के उन चुनिंदा हेलीकॉप्टर्स में शामिल है जो किसी भी मौसम या किसी भी स्थिति में दुश्मन पर हमला कर सकता है।


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