मैनेजिंग डायरेक्टर "पविविनिलि" मेरठ के आदेश को अमल मे लाना अ0अ0 राजीव आर्य के लिये बनी टेड़ी खीर



कोयल एंक्लेव बिजली घर पांच वर्षो से अधिक तैनात लाइनमैन राजीव और उदयवीर को बचाने के लिये राजीव आर्य द्वारा आजमाए जा रहे शाम-दाम-दंड-भेद का फार्मूला कही उन पर ही ना पड़ जाए भारी

डाटला एक्सप्रेस संवाददाता 

बिजली विभाग के बहुचर्चित अ0अ0 राजीव आर्य को डिवीजन चार अंतर्गत रहने व कार्य करने वाला शायद ही व्यक्ति हो जो ना जानता हो। हमारे समाचार पत्र द्वारा बर्षों से राजीव आर्य के इतने भ्रष्‍ट कारनामों का उजागर किया जा चुका है कि यदि कभी इस विभाग मे कोई सच मे ईमानदार अधिकारी आए और हमारे द्वारा प्रकाशित राजीव आर्य से संबंधित हर ख़बर की बारीकी से जांच करवाये तो उन्हें जांच पूरी करने मे भी बर्षों का समय लग जाए। इसके अलावा मिस्टर आर्य की दूसरी अहम विशेषता है उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करना, फिर चाहे वह आदेश जनहित के लिये कितना ही अहम क्यूँ ना हो। 

हमेशा की ही तरह अधिशासी अभियंता राजीव आर्य प्रबंधक निदेशक"पविविनिलि" (MANAGING DIRECTOR "PVVNL") के आदेशों को भी अपने निजी हित के चलते अपने जूतों की नोक पर रखते नज़र आ रहे हैं। दरअसल प्रबंधक निदेशक "पविविनिलि" (मेरठ) के पत्र संख्या 6144/प्र0नि0/पविविनिलि/मे0/एच0आर0 दिनांक 30/06/2022 के बिंदु संख्या 04 मे पारित आदेशानुसार 33/11 केवी उपकेंद्र पर बाहय एजेंसी के माध्यम से तैनात शत प्रतिशत संविदाकर्मी (अनुरक्षण कार्य हेतु) को उनके गृह/गांव को विद्युत आपूर्ति करने वाले पोषक पर तैनात नहीं किया जाएगा, आदेश की अवमानना करने पर संबंधित अधिशासी अभियंता का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। जिसका साफ अर्थ है कि किसी भी संविदा कर्मी को उसके निवास स्थान क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बिजलीघर पर तैनात ना किया जाए और यदि कोई तैनात है तो उसे तत्काल वहां से हटाकर किसी अन्य डिवीजन पर तैनात किया जाए। 

प्रबंधक निदेशक "पविविनिलि" मेरठ द्वारा जारी आदेश जनहित के लिये बहुत ही लाभकारी हैं, ऐसा इसलिये क्यूंकि बिजली घरों पर बर्षों से जमे बैठें और अपनी जड़े मजबूत कर चुके संविदाकर्मियों द्वारा अपना एक अलग ही पारितंत्र बनाया जा चुका है। जिसमें संविदाकर्मियों द्वारा अवैध प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों, कम लोड या चोरी की बिजली से संचालित इ रिक्शा चार्जिंग पॉइंट्स/पार्किंग्स, अवैध कार/बाइक वाशिंग स्टेशन्स, अवैध पानी के प्लांट्स आदि से महीना उगाही कर उन्हें निरंतर संचालित करवाने, रिहायशी क्षेत्रों मे फैक्ट्रियों को अवैध रूप से भारी लेनदेन कर उन्हें विद्युत कनेक्शन दिलवाने, निर्माणाधीन मकानों आदि के आड़े आ रही विद्युत लाइनों को अवैध रूप से बिना अधिकारियों की अनुमती के शिफ्ट करने, बिजली की चोरी मे पकड़े गए लोगों का उनसे लेनदेन कर कम से कम मे सेटलमेंट करवाने, कागजात पूरे होने पर भी उपभोक्ताओं से नए मीटर लगाने की एवज मे 5 से 10 हजार रू एऐंठने जैसे अनगिनत अवैध तरीकों से यह संविदाकर्मी अपने-अपने क्षेत्रों से हर महीने भारी मात्रा अवैध धन की उगाही करते हैं। यह तो बात रही संविदाकर्मियों की अब बात करते हैं अधिकारियों की जिनके संज्ञान मे यह सब प्रकरण होने के बावजूद वह इन संविदाकर्मियों को रोकने की बजाय उन्हें और बढ़ावा देते हैं और ऐसा वह किसलिए करते हैं यह बात कोई बच्चा भी समझ जाएगा। कुछ ऐसा ही अ0अ0 राजीव आर्य द्वारा भी किया जा रहा है क्यूंकि वह कोयल एंक्लेव बिजली घर पर बर्षों से तैनात कई बार सस्पेंडेड/बलैक लिस्टेड और अति भ्रष्‍ट संविदाकर्मी लाइनमैन राजीव और उदयवीर को प्रबंध निदेशक महोदय के आदेशों के बावजूद हटाने को तैयार नही हैं।

हमारे द्वारा इस बाबत एक शिकायत मुख्यमंत्री जनशिकायत पोर्टल पर दर्ज करवाई गई जिसका सन्दर्भ संख्या 40014023003951 है, इस शिकायत पर अधिशासी अभियंता राजीव आर्य द्वारा बताया गया *कि आपको अवगत कराना है की संविदाकर्मियों अनुरक्षण कार्य हेतु की तैनाती हेतु नामित संस्था मै०पी०आर० पावर साँल्यशन, जय ओम नगर, बाईपास रोड जिला अमरोहा 244221 को प्रबंधक निदेशक महोदय प०वि०वि०नि०लि०. ऊर्जा भवन विक्टोरिया पार्क मेरठ के कार्यालय पत्र संख्या 6144/प्र०नि०/प.वि०वि०नि०लि०.मे०/एच०आर० दिनांक मे दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करते हुए खंड कार्यालय के पत्रांक संख्या 4236 दिनांक 4-2-23 द्वारा निर्देशित कर दिया गया अत उपरोक्त संदर्भ को निस्तारित करने की कृपया करें*, यानी उन्होंने फिर से इन भ्रष्‍ट लाइनमैनों को बचाने के लिये शिकायत पर झूठी और भ्रामक आख्या प्रेषित कर उसका निस्तारण कर दिया गया। यह जानते हुए भी कि किसी भी संविदाकर्मी को हटाने या उसे स्थानांतरित करने की पावर अ0अ0 और उपखंड अधिकारी के पास होती है, ठेकेदार फर्म तो केवल इन संविदाकर्मियों को विभागों को मुहैया करवाती है उनसे क्या और कहां काम लेना है इसका फैसला बिजली घरों मे बैठे अधिकारी ही लेते हैं।

ठेकेदार फर्म के सुपरवाइजर नौशाद से हुई बातचीत के दौरान उनका पक्ष

जिस कंपनी द्वारा इन दोनों लाइनमैनों राजीव व उदयवीर को बिजली विभाग मे उपलब्ध करवाया गया है उस कंपनी के सुपरवाइजर नौशाद ने फोन पर इस बाबत हुई बातचीत के दौरान साफ तौर पर कहा की किसी भी संविदा कर्मी का स्थानांतरण करने की पावर सिर्फ और सिर्फ अधिशासी अभियंता या फिर उपखंड अधिकारी के पास होती है, मेरे फिर कंपनी के द्वारा किसी भी संविदा कर्मी का ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।

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