मुख्य अभियंता मुकेश मित्तल के दरबार में पत्रकारों की नो एंट्री।



पविविनिलि "गाज़ियाबाद" मे मुख्य अभियंता के पद पर तैनात मुकेश मित्तल उनसे उनके सरकारी ऑफिस पर आए पत्रकारों से मिलने से साफ कर देते हैं इंकार

डाटला एक्सप्रेस संवाददाता 

यह बात तो सत्य है कि पत्रकार समाज का दर्पण होता है, इसीलिये भारतीय संविधान मे उसे चौथे स्तंभ का दर्जा प्राप्त है। जब भी कोई व्यक्ति सरकारी तंत्र से शोषित होता है और जब उसकी कही कोई सुनवाई नही होती तब एक पत्रकार ही उसका रक्षक बन उसकी आवाज को उच्च स्तर तक पहुंचाता है जिससे उसे न्याय मिल सके। जब ऐसा होता है तो उस पत्रकार के कई मित्रों सहित शत्रुओं का भी उदय होता है, जो आज कल तो बहुत ही आम सी बात हो गई है। आए दिन देश भर मे कही ना कही पत्रकारों की होने वाली हत्याएं, उनपर होने वाले जानलेवा हमला और उनपर दर्ज होने वाले फर्जी मुक़दमें इस बात की गवाही देते हैं।किंतु असली पत्रकार वही होता है जो इन तमाम मुसीबतों का सामना कर जनहित मे अपनी अंतिम साँस तक समर्पित रहे। 

आए दिन सरकारें यह ऐलान करती रहती हैं कि सरकारी अधिकारी/कर्मचारी पत्रकारों का सम्मान करें और उनसे किसी भी प्रकार की अभद्रता ना हो इसका विशेष ध्यान रखें। किंतु जमीनी हक़ीक़त इससे बिल्कुल जुदा है, दरअसल इन्हीं सरकारी अधिकारीयों को पत्रकार फूटी आंख भी नहीं सुहाते, उनका सम्मान करना तो दूर वह उनसे कुछ मिनटों के लिये मिलना भी पसंद नही करते, और इसके पीछे एक बड़ी वज़ह यह है कि यहीं पत्रकार हैं जो इन सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों की काली करतूतों जैसे उनके भ्रष्टाचारों का आए दिन खुलासा करते रहते हैं इसीलिए यह लोग पत्रकारों से हमेशा खीझ खाए बैठे रहते हैं। 

ऐसा ही कुछ मामला पविविनिलि के गाज़ियाबाद जिले मे तैनात मुख्य अभियंता (वितरण) मुकेश मित्तल का भी है जिन्होंने अपने सरकारी दरबार में पत्रकारों के लिए नो एंट्री घोषित कर रखी है। आखिर ऐसी भी क्या वज़ह है कि एक जनसेवक होते हुए उन्होंने पत्रकारों से मिलने के लिए साफ मना कर रखा है, शायद वह इस बात को भूल गए हैं कि वह एक पब्लिक सर्वेंट हैं और वह जिस कार्यालय मे बैठे हैं वह उनकी निजी सम्पत्ति नहीं अपितु एक सरकारी सम्पत्ति है जिसमें उनके सभी कामों मे से एक काम आम जनता की बातों को सुनना साथ ही साथ ना चाहते हुए भी पत्रकारों को समय देना है क्यूंकि पत्रकार भी एक प्रकार से जनता का प्रतिनिधि और उसका सहायक ही होता है। या फिर वह शायद इस बात को भूल गए हैं कि वह एक लोकतांत्रिक देश के एक राज्य मे तैनात अधिकारी हैं ना कि किसी तानाशाह मुल्क मे जहां वह अपनी मनमानी कर सके। 

एक वीडियो रिकॉर्डिंग मे मुख्य अभियंता कार्यालय गाज़ियाबाद (पविविनिलि) मे कार्यरत उनका पिओन मुख्य अभियंता मुकेश मित्तल से मिलने गए कुछ पत्रकारों से यह साफ-साफ कह रहा है कि साहब पत्रकारों से नही मिलते, इसमे उस पिओन को कोई गलती नही है जब उसे मुख्य अभियंता साहब ने ऐसा आदेश दिया होगा तभी तो वह ऐसा कह रहा होगा नहीं तो उसे क्या आपत्ति की साहब से कौन मिलने आया है या कौन नहीं। 

संक्षिप्त मामला कुछ इस प्रकार से है

दिनांक 27/12/2022 को सोशल मीडिया एक तस्वीर वायरल हो रही थी जिसमें पविविनिलि "गाज़ियाबाद" के डिवीजन चार अंतर्गत आने वाले कोयल एंक्लेव बिजली घर पर तैनात लाइनमैन जय नारायण व उदयवीर राजीव नगर कॉलोनी की गली नंबर तीन मे लगे एक खंभे पर चालू विद्युत लाइन मे काम करते नज़र आ रहे हैं, जिसमें लाइनमैन जय नारायण खंभे पर काम कर रहा है व उदयवीर नीचे खड़ा हुआ है, यह फोटो सोशल मीडिया पर दिनांक 27.12.2022 को धड़ल्ले से वायरल हो रही थी। इस अक्षम्य लापरवाही का जिम्मेदार कौन है यह जानने और मुख्य अभियंता साहब का इस पर पक्ष जानने के लिए कई पत्रकारों उनके सरकारी नंबर पर संपर्क किया, किंतु मिस्टर मित्तल ने फोन नहीं उठाया। जिसके बाद कुछ पत्रकार मुख्य अभियंता मुकेश मित्तल के कार्यालय गाजियाबाद पहुंच गए, पहले तो पत्रकारों को बताया गया कि अभी विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ वीसी चल रही है आप लोगों को इंतजार करना होगा, पत्रकारों ने तकरीबन 1 घंटे बैठकर उनके कार्यालय पर मुख्य अभियंता से बात करने के लिए इंतजार किया, तकरीबन 2:00 बजे उनकी वीसी खत्म हो गई तो पत्रकारों ने उनके पिओन से कहा कि आप चीफ साहब को जाकर बता दीजिए की कुछ पत्रकार आपसे मिलने आए हैं, जैसे ही साहब के पास यह संदेश पहुंचा तो साहब ने अपने पिओन के हाथ यह संदेश भिजवा दीया की हम पत्रकारों से नहीं मिलते, पत्रकारों ने जब दोबारा पिओन से कहा कि आप जाकर साहब से बोल दीजिए की किसी प्रकरण के सिलसिले में आपसे मिलने के आए हैं जिस पर पिओन कहने लगा कि मैं दोबारा जाकर बोलूंगा तो साहब मेरे ऊपर गुस्सा हो जाएंगे इसलिये मैं दोबारा जाकर नहीं बोल सकता और साहब तो वैसे भी किसी पत्रकार से कभी नहीं मिलते, इससे पहले भी कुछ पत्रकार इसी तरह यहां से बिना मिले मायूस होकर जा चुके हैं। 

हमारे द्वारा उपर्युक्त प्रकरण की जानकारी शाशन तक पहुंचाई जा रही है जिसमें मुख्य अभियंता मुकेश मित्तल को तत्काल हटाते हुए उनके स्थान पर किन्ही ऐसे मुख्य अभियंता की तैनाती की मांग की जाएगी जो कम से कम जनहित से जुड़े हुए मामलों पर पत्रकारों से मिलने मे दिलचस्पी दिखाए, इस सरकारी कार्यालय को अपनी निजी सम्पत्ति ना समझे और सरकार के निर्देशानुसार पत्रकारों को कुछ सम्मान दें सके क्यूंकि आज के समय मे अधिक की उम्मीद तो कोई पत्रकार करता भी नही है।

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