पहले हटा सड़क पर अतिक्रमण कर रखा गया जनरेटर, अब अवैध पार्किंग की बारी।



(शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 01 मे स्थित श्रेया नामक अस्पताल द्वारा सामने की ओर पोडियम बना उसे लाया जा रहा पार्किंग के ईस्तेमाल में)

ट्रू टाइम्स संवाददाता

पूर्व मे समाचार पत्र के अथक प्रयास से शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 01, शिव चौक के पास स्थित श्रेया अस्पताल द्वारा सड़क पर अतिक्रमण कर रखे गये उसके जनरेटर सेट को हटवा कर अस्पताल की छत पर रखवाया गया, जिसमें नगर निगम ने अपनी अहम भूमिका निभाई थी।

किन्तु आज जो लोग भी शालीमार गार्डन या इसके आस-पास रहते हैं उन्हें पता होगा कि किस प्रकार अस्पताल प्रशासन द्वारा इसके सामने वाली सड़क को पार्किंग के ईस्तेमाल मे लाया जा रहा है।

जीडीए पार्किंग व्यवस्था उपविधि के प्रस्तर 3.10 के अनुसार किसी भी अस्पताल को पार्किंग की व्यवस्था स्टिल्ट फ्लोर, या बेसमेंट, या फिर छोड़े गये सेट बैक एरिया मे करना होता है। किंतु अस्पताल प्रशासन द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अस्पताल के अंदर पार्किंग की कोई व्यवस्था नही कि गई है, अपितु पूरा स्टिल्ट फ्लोर कवर करके उसमे अस्पताल को संचालित किया जा रहा है।

अस्पताल द्वारा बनाये गये अवैध पोडियम पर इनका एक गार्ड रूम भी बना हुआ है, इसके अतिरिक्त अस्पताल की कई एम्बुलेंस, मरीजों से मिलने आने वालों की कई कारें व दु पहिया वाहनों का यहा दिन-रात जमावड़ा बना रहता है जो तस्वीर मे भी साफ दिखाई पड़ रहा है। 

शालीमार गार्डन का शिव चौक, मंगल पांडे चौक एवं बी ब्लॉक मार्केट मे लगने वाले भारी जाम के लिये ऐसे ही अतिक्रमणकारी है जिम्मेदार

शालीमार गार्डन का शिव चौक, मंगल पांडे चौक एवं बी ब्लॉक मार्केट मे लगने वाले भारी जाम के लिये ऐसे ही कुछ अतिक्रमणकारी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने सड़क को अपनी सम्पत्ति माना हुआ है, लगभग सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानों का काफी सामान सामने सड़क पर फैला कर रखा हुआ है और साथ ही साथ बड़े-बड़े होर्डिंग्स भी सड़क किनारे लगा रखे हैं, जिन्हें एक मुहिम के तहत निरंतर समाचार पत्र मे सामने लाया जाता रहेगा। 

मुख्यमंत्री के आदेशों की अस्पताल प्रशासन द्वारा की जा रही है अवहेलना

माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा बहुत ही सख्त आदेश दिये गये थे कि हर प्रकार के अवैध टैक्सी स्टैंड एवं अतिक्रमण को तत्काल हटवाया जाये, किन्तु लगता है मुख्यमंत्री महोदय की इस बात का कोई भी असर श्रेया अस्पताल के संचालकों पर बिल्कुल भी नही पड़ा। जिसे ध्यान मे रखते हुए एक मुहिम के तहत अस्पताल व अन्य ऐसे ही संस्थानों द्वारा किये गये अतिक्रमणों को हटाने के लिये उच्चतम प्रयास किये जायेंगे, एवं फ़िलहाल इसकी शिकायत जिला, मंडल एवं शाशन स्तर पर की जा रही है।

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