जनशिकायतों मे झूठी आख्या प्रस्तुत करने मे माहिर अधिशासी अभियंता राजीव आर्य, शाशन की आँखों मे झोंक रहे हैं धूल।


(अवर अभियंता प्रवीण चौहान द्वारा आराम फरमाने के लिये लगाये गये एसी के मामले मे अधिशासी अभियंता द्वारा कार्यवाही के बजाय किया जा रहा है बचाव)

डाटला एक्सप्रेस संवाददाता 

पविविनिलि "गाजियाबाद" साहिबाबाद डिवीजन चार राजेंद्र नगर बिजली घर पर पिछले कई वर्षों से तैनात अधिशासी अभियंता राजीव आर्य ने जनशिकायतों का मज़ाक बना कर रखा हुआ है, गंभीर से गंभीर मामलों मे भी वह हमेशा से ही चाहे कोई लाइनमैन हो या कोई अभियंता उनका बचाव जनशिकायतों पर झूठी आख्या लगा कर करते आए हैं। पूर्व में बागपत में अपनी तैनाती के दौरान भी एक शिकायत पर गलत जांच रिपोर्ट पेश करने के मामले मे इनके ऊपर आज भी जांच चल रही हैं, लेकिन मिस्टर आर्य अपनी पुरानी आदतों से बाज आने को तैयार नही। 

राजेंद्र नगर बिजली घर पर नवनियुक्त तैनात हुए अवर अभियंता प्रवीण चौहान द्वारा अपने कार्यालय पर बिना विभागीय आदेश आराम फरमाने के लिए सरकारी खर्च पर एक एयर कंडीशनर लगाने की खबर हमारे अखबार में 26 सितंबर को प्रकाशित की गई थी, जिसकी शिकायत हमारे द्वारा मुख्यमंत्री जनशिकायत पोर्टल पर भी की गई थी। जिस पर अधिशासी अभियंता राजीव आर्य द्वारा पत्रांक 2628/वि0न0वि0ख0-चतुर्थ/गाज़ियाबाद/01.10.2022 पर बहुत ही भ्रामक/हास्यास्पद/झूठी आख्या प्रस्तुत कर शिकायत को निस्तारित कर दिया। प्रेषित आख्या मे मिस्टर आर्य द्वारा बताया गया यह एयर कंडीशनर जिस कमरे में लगा हुआ है उसमे लगे कंप्यूटर को ठंडक पहुंचाने के लिए लगाया गया है। जबकि यह सरासर गलत है क्योंकि उस कमरे में कोई कंप्यूटर रूम है ही नही। 

एक बार को अधिशासी अभियंता राजीव आर्य की बात को मान भी लिया जाए, तो ऐसे मे भला कितने कंप्यूटर उस कमरे मे लगे हैं जिन्हें ठंडा करने के लिये एसी लगाने की जरूरत पड़ गई, जबकि दूसरी ओर इसी डिवीजन अंतर्गत तकरीबन पांच से छह अवर अभियंता कार्यरत हैं और सभी के कमरों में कंप्यूटर मौजूद हैं परंतु किसी भी अवर अभियंता ने कंप्यूटर को ठंडक पहुंचाने के लिए अपने कक्ष में एयर कंडीशनर लगाने का प्रस्ताव नही रखा, परंतु अवर अभियंता प्रवीण चौहान जो लोनी में भी अपनी तैनाती के दौरान काफी चर्चित और सुर्खियों मे बने रहते थें उन्हीं के कंप्यूटर को इतनी अधिक गर्मी लगती है कि एक एसी तक लगाने की जरूरत पड़ गई।

इन्हीं सब बातों को देख कर डिवीजन चार के अधिशासी अभियंता राजीव आर्य पर हसी आती है, और उनसे ज्यादा उनके उन उच्चधिकारियों पर आती है जो राजीव आर्य द्वारा लगाई गई ऐसी हास्यास्पद आख्या को स्वीकर कर उसे निस्तारित करने के आदेश दे डालते हैं। हमारे द्वारा पत्राचार के माध्यम से शाशन को पत्र भेज उक्त मामले मे निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की जायेगी।

Comments
Popular posts
मुख्य अभियंता मुकेश मित्तल एक्शन मे, भ्रष्‍ट लाइन मैन उदय प्रकाश को हटाने एवं अवर अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के दिये आदेश
Image
साहित्य के हिमालय से प्रवाहित दुग्ध धवल नदी-सी हैं, डॉ प्रभा पंत।
Image
दादर (अलवर) की बच्ची किरण कौर की पेंटिंग जापान की सबसे उत्कृष्ट पत्रिका "हिंदी की गूंज" का कवर पृष्ठ बनी।
Image
भक्त कवि श्रद्धेय रमेश उपाध्याय बाँसुरी की स्मृति में शानदार कवि सम्मेलन का किया गया आयोजन।
Image
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की छत्रछाया में अवैध फैक्ट्रियों के गढ़ गगन विहार कॉलोनी में हरेराम नामक व्यक्ति द्वारा पीतल ढलाई की अवैध फैक्ट्री का संचालन धड़ल्ले से।
Image