विद्युत विभाग के हैड कैशियर ने किया 3 करोड़ रुपए का गबन








डाटला एक्सप्रेस संवाददाता पंकज तोमर 


विद्युत विभाग में  भ्रष्टाचार दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की पर है परंतु विभाग के उच्च अधिकारियों समेत शाशन में बैठे लोग भी चुप्पी साधे बैठे हैं जो किसी भी मामले को चाहे वह बड़ा हो या छोटा उसे अनदेखा करते रहते हैं जिससे विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों के हौसले आज सातवे आसमान पर हैं जो किसी भी तरह से अपनी जेबों को भरने के लिए हर तरह के हथकंडे आजमाते रहते है अब चाहे उससे राज्य सरकार की छवि को कितना ही नुकसान क्यू ना पहुंच रहा हो। 


ऐसा ही नया मामला और सामने आया है जिसमें गाज़ियाबाद विद्युत विभाग में तैनात हैड कैशियर द्वारा विभाग में जमा होने वाली करोड़ों रुपए की धनराशि को गबन कर लिया गया है। 


विद्युत वितरण निगम के सप्तम खंड के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र पाल सिंह ने खंड में तैनात हैड कैश्यिर सुमित गुप्ता द्वारा किए गए विभाग के 2.94 करोड़ रुपए गबन का पर्दाफाश करते हुए सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। हैड कैशियर ने पिछले 2 माह में यह 2.94 करोड़ रुपए विभाग के गबन कर लिए थे। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर आरके राणा ने बताया कि अधिशासी अभियंता सुरेंद्रपाल सिंह की तत्परता से हैड कैशियर द्वारा गबन किए गए पिछले दो माहों में 2.94 करोड़ रुपए का खुलासा किया गया है। अधिशासी अभियंता इसको लेकर प्रयासरत थे जिससे दो माह में यह गबन पकड़ा गया जिसमें बिजली विभाग के एक हेड कैशियर ने विभाग को 3 करोड़ रुपए की चपत लगा दी। संदेह होने पर अधिशासी अभियंता की ओर से मामले की जांच की गई तो विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इस मामले में मंगलवार को आरोपी हेड कैशियर के खिलाफ सिहानी गेट थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। पटेलनगर स्थित विद्युत वितरण निगम सप्तम खंड में हेड कैशियर के पद पर तैनात सुमित गुप्ता पर 3 करोड़ रुपए गबन का मामला दर्ज कराया गया है । आरोप है कि कोरोना संकटकाल के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा जमा कराई गई हर माह के बिजली बिल की राशि को पूरी जमा होना दिखाकर कागजों में गड़बड़ी कर दी गई। इस मामले में संदेश होने पर संबंधित उपकेंद्र के एसडीओ ने एसपी सिटी से भी शिकायत की थी।

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