दलित लेखक संघ की नवीं कार्यकारिणी का गठन व घोषणा पत्र का लोकार्पण।


दिल्ली:-दलित लेखक संघ की नवीं कार्यकारिणी का गठन एवम घोषणा पत्र का लोकार्पण दिनांक 25 अक्टूबर 2020 को स्थानीय वाल्मीकि मंदिर अम्बेडकर भवन, नाहरपुर , रोहिणी दिल्ली में सम्पन्न हुआ । जिसमें ,नव निर्वाचित कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। नव निर्वाचित कार्यकारिणी में अध्यक्ष के पद पर डॉ पूनम तुषामड और महासचिव के पद पर राजेन्द्र कुमार राज़ का चुनाव हुआ। सरंक्षक के तौर पर दलित लेखक संघ के पूर्व अध्यक्ष हीरालाल राजस्थानी रहे। उपाध्यक्ष के पद पर सामूहिक रूप से डा.गुलाब सिंह,चंद्रकांता सिवाल और हरपाल सिंह भारती चुने गए। कोषाध्यक्ष के रूप में बलविंदर सिंह बली चुने गए। सचिव के पद पर सामूहिक रूप से डॉ. राजकुमारी, कुसुम सबलानिया, गिरिजेश कुमार यादव चुने गए। सह-सचिव के रूप में रवि निर्मला सिंह का चुनाव एवम सदस्यों के रूप में डॉ टेकचंद,डॉ अमित धर्मसिंह,अशोक कुमार,दलीप कठेरिया,जावेद आलम, मनोरमा गौतम, सुनीता राजस्थानी,संतोष सामरिया, सत्य नारायण,नरेश बेनीवाल, श्रीलाल बोहत, गौतम रावत, सीमा माथुर,सरिता संधू, संदीप टांक और हंसराज बड्सिवाल चुने गए तथा सलाहकार मंडल में डॉ.रजत रानी मीनू,मामचंद रेवड़ियां और चित्रपाल चुने गए।



बैठक के दूसरे चरण में दलित लेखक संघ के घोषणा पत्र का लोकार्पण सरंक्षक हीरालाल राजस्थानी,अध्यक्ष पूनम तुषामड,टेकचंद,गुलाब सिंह,चन्द्रकांता सिवाल,कुसुम सबलानिया आदि के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ।


     प्रतिबद्ध के सम्पादन हेतु सम्पादक मंडल में डॉ. गुलाब सिंह,जावेद आलम खान, गिरिजेश यादव और अशोक कुमार चुने गए।


 


बैठक में नव निर्वाचित अध्यक्षा पूनम तुषामड ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हम सब किसी भी पद पर अवस्थित हों इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है। मूलतः तो प्रत्येक व्यक्ति संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। कार्यकारिणी के प्रत्येक सदस्य को अपने कद और पद की परवाह न करते हुए संगठन को अपना अभूतपूर्व योगदान देना है। हम सब एक हैं। हम सबको संगठन के अनूरूप मिल कर कार्य करना है।


संगठन के नव निर्वाचित महासचिव राजेन्द्र ने संगठन के अनूरूप कार्य करने का भरोसा दिलाया और कहा कि किसी भी कार्यकारिणी का पदाधिकारी होना बहुत बड़ी जिम्मेदारी का पर्याय है। और यह जिम्मेदारी किसी एक कि नहीं अपितु संगठन की सामूहिक रूप से है। दलित लेखक संघ द्वारा पूर्व में किये गए कार्यो की अपेक्षा अब और अधिक बेहतर कार्य करने का पूरा पूरा प्रयास किया जाएगा। उपाध्यक्ष चन्द्रकांता सिवाल ने अपनी रखते हुए कहा दलित लेखक संघ का प्रत्येक कार्यकरिणी सदस्य संगठन का मजबूत स्तंभ है और कहा सभी को अपने पद उत्तरदायित्व के प्रति समर्पित भाव ही संगठन की मजबूती का परिचायक है। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सरंक्षक एवम पूर्व अध्यक्ष श्री हीरालाल राजस्थानी ने नव निर्वाचित कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि दलित लेखक संघ साहित्य और समाज के क्षेत्र में गत 22 वर्षों से सक्रिय रहा है । जिसमें दलित लेखक संघ ने ज़मीनी एवम साहित्यिक स्तर पर बहुत से महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। जिसमें दलित लेखक संघ के मुखपत्र ,प्रतिबद्ध का प्रकाशन भी शामिल है। आज युवाओं का दौर है। इसलिए दलित समाज के युवाओं से यह अपेक्षा की जाती है कि वे दलित लेखक संघ के निहितार्थ को मूर्त रूप देने में अहम भूमिका निर्वाह करेंगे ।


इसके अतिरिक्त वक्ताओं में डॉ टेकचंद,डॉ अमित धर्मसिंह,डॉ.गुलाब,चन्द्रकांता सिवाल डॉ. राजकुमारी,कुसुम सबलानिया,रवि निर्मला सिंह आदि ने संगठन को बेहतर बनाने के लिए अपने अपने विचार व्यक्त किये। उक्त के अतिरिक्त बैठक में जावेद आलम, राजेंद्र आदि ने काव्य पाठ किया। बैठक में जयपाल, सुनीता राजस्थानी, विनोद, महावीर उपस्थित रहे।


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